सीएम योगी का महाकुंभ 2025 के तीसरे अमृत स्नान से पहले प्रयागराज दौरा, मौनी अमावस्या की तैयारियों की समीक्षा और संत सम्मेलन।
महाकुंभ 2025: तीसरे अमृत स्नान से पहले सीएम योगी का प्रयागराज दौरा, तैयारियों की समीक्षा
प्रयागराज, 24 जनवरी 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 जनवरी को प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए पहुंचेंगे। मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर होने वाले तीसरे अमृत स्नान से पहले सीएम योगी प्रयागराज में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे और तैयारियों का जायजा लेंगे।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शनिवार को सुबह 11:30 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे। इस दौरान वे अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ-योगी महासभा में सम्मिलित होंगे। इसके बाद कल्याण सेवा आश्रम में कल्याणदास जी महाराज (अमरकंटक) से भेंट करेंगे। अरैल घाट पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भी उनकी भागीदारी होगी।
महाकुंभ की तैयारियों पर विशेष ध्यान
उत्तर प्रदेश सरकार ने मौनी अमावस्या के लिए रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई है। इस दौरान लगभग 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम पर स्नान करने की संभावना है। सरकार ने महाकुंभ में भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
सरकार के निर्देशानुसार, सभी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्राधिकारियों और मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यह सुनिश्चित किया गया है कि श्रद्धालु उसी सेक्टर से लौटें, जहां से वे आए थे, ताकि अन्य क्षेत्रों में भीड़भाड़ न हो।
मुख्यमंत्री का व्यस्त कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शनिवार का कार्यक्रम कुछ इस प्रकार है:
- सुबह 11:30 बजे - प्रयागराज आगमन।
- अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष महासभा - संतों से संवाद।
- कल्याण सेवा आश्रम - कल्याणदास जी महाराज से मुलाकात।
- अरैल घाट पर विशेष कार्यक्रम में भागीदारी।
- विश्व हिंदू परिषद शिविर (सेक्टर-18) - संत सम्मेलन।
- शाम 4:25 बजे - लखनऊ प्रस्थान।
मौनी अमावस्या पर विशेष व्यवस्था
मौनी अमावस्या महाकुंभ का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इसे और भव्य बनाने के लिए प्रशासन ने 12 किलोमीटर लंबे घाट तैयार किए हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ रोकने के लिए निकासी दलों को तैनात किया गया है। इसके अलावा संगम नोज क्षेत्र में सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी दलों को तैनात किया गया है।
सरकार ने यह भी कहा है कि 27 से 29 जनवरी तक विभिन्न सेक्टरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संगम नोज पर कम से कम भीड़ हो, इसके लिए यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाया गया है।
महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान का महत्व
महाकुंभ 2025 का तीसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन होगा। इस पवित्र स्नान का विशेष महत्व है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। योगी सरकार इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
संतों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं
महाकुंभ के दौरान संतों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। संगम के किनारे रोशनी, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सरकार ने हर सेक्टर में मोबाइल चिकित्सा इकाइयों की तैनाती की है। साथ ही, घाटों पर आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दिशा-निर्देश
सरकार ने श्रद्धालुओं को महाकुंभ में सुगमता से स्नान करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
- प्रशासन द्वारा जारी सेक्टर-वार योजनाओं का पालन करें।
- घाटों पर स्नान के दौरान सुरक्षा निर्देशों का ध्यान रखें।
महाकुंभ 2025 में तीसरे अमृत स्नान के अवसर पर प्रयागराज में भक्तों का सैलाब उमड़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह यात्रा इस भव्य आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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