बरेली के थाना हाफिजगंज में फर्जी मुकदमे और रंगदारी के खिलाफ भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी का जोरदार प्रदर्शन। जानिए पूरी खबर।
संवाददाता शानू की रिपोर्ट
बरेली। थाना हाफिजगंज में एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था सवालों के घेरे में है। आजाद समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष सुरजीत गौतम पर झूठे मुकदमे और रंगदारी वसूलने के विरोध में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाना घेरकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
झूठे मुकदमे और रंगदारी का आरोप
आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का आरोप है कि सुरजीत गौतम पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर रंगदारी के नाम पर एक लाख रुपए वसूले गए। इस घटना ने पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भीम आर्मी का चेतावनी भरा बयान
सैकड़ों कार्यकर्ताओं का हुजूम
इस प्रदर्शन में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित कार्यकर्ताओं में मंडल अध्यक्ष विकास बाबू, प्रदेश समिति सदस्य अतुल वाल्मीकि, जिला अध्यक्ष सुशील कुमार गौतम, तहसील अध्यक्ष वीरपाल सागर, दुर्वेश अली अंसारी और अन्य प्रमुख नेता शामिल थे।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
थाना प्रभारी को सौंपे गए ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने प्रमुख मांगें रखीं:
- सुरजीत गौतम पर दर्ज फर्जी मुकदमे को तुरंत रद्द किया जाए।
- दरोगा प्रमोद कुमार का तत्काल स्थानांतरण किया जाए।
- झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों पर रंगदारी के तहत केस दर्ज किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं।
प्रशासन पर बढ़ता दबाव
इस घटना ने पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं का मानना है कि प्रशासनिक लापरवाही और भेदभावपूर्ण रवैया पुलिस की छवि को धूमिल कर रहा है।
क्या है आगे की रणनीति?
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ सुरजीत गौतम का मामला नहीं है, बल्कि पूरे समाज के न्याय की लड़ाई है।
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी द्वारा किया गया यह प्रदर्शन केवल पुलिस प्रशासन के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह न्याय और समानता की मांग के लिए किया गया संघर्ष है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जनता को न्याय दिलाने में किस हद तक सफल होता है।
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