दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की प्रचंड जीत, AAP का सफाया – हिमाचल में जश्न, सड़कों पर उतरे समर्थक


दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की ऐतिहासिक जीत से हिमाचल में जश्न का माहौल, समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों संग मनाया जश्न, AAP के दिग्गज धराशायी।


दिल्ली में भाजपा की प्रचंड जीत, AAP को तगड़ा झटका, हिमाचल में जश्न का माहौल

दिल्ली विधानसभा चुनाव में 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जबरदस्त वापसी करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) को सत्ता से बेदखल कर दिया है। यह न केवल दिल्ली की सियासत में बड़ा बदलाव है बल्कि पूरे देश में भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए एक उत्सव से कम नहीं।

भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत से हिमाचल प्रदेश के मंडी, सुंदरनगर, शिमला और धर्मशाला जैसे इलाकों में भाजपा समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, लड्डू बांटे और "मोदी, मोदी" के नारे लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को इस जीत के लिए धन्यवाद दिया।

AAP के दिग्गजों का सूपड़ा साफ, BJP की बंपर जीत

दिल्ली में हुए इस चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक बढ़त मिली, वहीं आम आदमी पार्टी को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा। सीएम अरविंद केजरीवाल की करारी हार ने AAP के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा के दिग्गज नेताओं ने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति का परिणाम बताया।

भाजपा प्रवक्ता और विधायक राकेश जम्वाल ने कहा,
"दिल्ली की जनता ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भ्रष्टाचार और झूठी राजनीति को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा ने विकास और राष्ट्रवाद की नीति पर काम किया और जनता ने इसे पूरी तरह स्वीकार किया।"

हिमाचल में BJP कार्यकर्ताओं का जोश चरम पर, जगह-जगह मिठाइयों का वितरण

दिल्ली में जीत के बाद हिमाचल प्रदेश में भी जश्न का माहौल देखने को मिला। खासतौर पर मंडी और सुंदरनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे जोश के साथ जश्न मनाया

सदर विधायक अनिल शर्मा ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा,
"27 साल बाद दिल्ली में भाजपा की वापसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा की मजबूत रणनीति का परिणाम है।"

उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी भाजपा कार्यकर्ता इस जीत से बेहद उत्साहित हैं और आने वाले चुनावों में भी पार्टी को जीत दिलाने के लिए पूरी मेहनत से जुटेंगे।

दिल्ली में क्यों हारी AAP? जानिए जनता ने क्यों दिया झटका

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। भाजपा नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि AAP सरकार के भ्रष्टाचार, महंगाई, बिजली-पानी के झूठे वादे और दिल्ली में बढ़ती अराजकता ने जनता को नाराज कर दिया

विशेषज्ञों का कहना है कि

  • शराब नीति घोटाले और मंत्री सत्येंद्र जैन व मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी ने आम आदमी पार्टी की छवि खराब कर दी।
  • महिलाओं के प्रति सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति और दिल्ली के सरकारी स्कूलों में फंड के दुरुपयोग के आरोपों ने जनता को निराश किया।
  • भाजपा की आक्रामक चुनावी रणनीति और 'मोदी मैजिक' ने मतदाताओं को अपनी ओर खींच लिया।

दिल्ली की जनता ने किया भाजपा पर भरोसा, मोदी-शाह की जोड़ी फिर साबित हुई मास्टरस्ट्रोक

दिल्ली की जनता ने भाजपा के राष्ट्रवादी एजेंडे और विकास की राजनीति पर भरोसा जताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की जोड़ी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उनकी चुनावी रणनीति को हराना आसान नहीं है।

अब देखने वाली बात होगी कि आम आदमी पार्टी इस हार के बाद खुद को कैसे संभालती है और क्या भविष्य में वह अपनी खोई हुई जमीन फिर से हासिल कर पाएगी। फिलहाल, भाजपा की इस जीत के जश्न में पूरा देश डूबा हुआ है।



दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की ऐतिहासिक वापसी से हिमाचल समेत पूरे देश में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह है। आम आदमी पार्टी की करारी हार ने दिल्ली की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीत का जोरदार जश्न मनाया, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इस परिणाम को भाजपा की आक्रामक चुनावी रणनीति और प्रधानमंत्री मोदी के करिश्मे का नतीजा मान रहे हैं।

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