मुरादाबाद में युवक ने किया महिला एक्टिविस्ट पर जानलेवा हमला: लाठी-डंडों से की गई बेरहमी, सीसीटीवी में कैद हुई हैवानियत



मुरादाबाद में PFA जिला प्रभारी करुणा शर्मा पर लाठी-डंडों से हमला, पूरी वारदात CCTV में कैद। जानें पूरी घटना और पुलिस की कार्रवाई।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में शुक्रवार की रात हैवानियत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया। पशु अधिकार संगठन (PFA) की जिला प्रभारी करुणा शर्मा पर कुछ दबंगों ने उनके घर में घुसकर बेरहमी से लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसमें हमलावरों की बर्बरता साफ देखी जा सकती है।

करुणा शर्मा ने इस हमले के पीछे एक स्पीड डॉग हत्या मामले में दर्ज की गई शिकायत को कारण बताया है। दरअसल, कुछ दिन पहले मुरादाबाद में एक स्ट्रीट डॉग को छत से फेंककर मौत के घाट उतार दिया गया था, जिसकी शिकायत उनकी एनजीओ PFA (People for Animals) द्वारा पुलिस में दर्ज करवाई गई थी। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा पंजीकृत किया था, जिससे गुस्साए आरोपियों ने अब दबाव बनाने के लिए जिला प्रभारी पर जानलेवा हमला कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई वारदात

हमले की पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में दिख रहा है कि एक तेज़ रफ्तार बोलेरो गाड़ी आकर घर के सामने रुकती है, जिसके अंदर से कई लोग लाठी-डंडों से लैस होकर उतरते हैं और सीधे करुणा शर्मा पर हमला कर देते हैं। हमलावरों ने महिला को बचाने आए अन्य लोगों को भी नहीं बख्शा और जमकर मारपीट की।

पुलिस के संज्ञान में दोनों मामले

हमले के बाद करुणा शर्मा ने तुरंत मझोला थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें नितिन वर्मा और उसके साथ आए अन्य हमलावरों के नाम दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

एनिमल क्रूएल्टी केस बना हमले की वजह?

करुणा शर्मा की मानें तो कुछ दिन पहले उनके संगठन द्वारा एक स्ट्रीट डॉग को छत से फेंककर हत्या करने के मामले में पुलिस से शिकायत की गई थी, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मुकदमे को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए उन पर यह हमला किया गया।

मुरादाबाद में अपराधियों के हौसले बुलंद

मुरादाबाद में महिला एक्टिविस्ट पर इस तरह का हमला दर्शाता है कि अपराधी बेखौफ हैं और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में पशु अधिकार कार्यकर्ताओं पर हमले के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



क्या होगा आगे?

फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की बात कह रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस हमले के पीछे मास्टरमाइंड को सजा मिलेगी या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

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