ईद पर अखिलेश यादव का बड़ा आरोप, लखनऊ में पुलिस ने रोका काफिला, कहा- योगी सरकार कर रही तानाशाही, PDA नेताओं को टारगेट।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में ईद के दिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का गुस्सा फूट पड़ा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ईद के मौके पर जब वे लखनऊ में ईदगाह की ओर जा रहे थे, तब पुलिस ने उनके काफिले को जबरन रोक दिया। अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र की हत्या और तानाशाही करार देते हुए योगी सरकार पर सीधा हमला बोला।
अखिलेश यादव ने कहा, “जब मैं ईदगाह में शामिल होने जा रहा था, तब अचानक पुलिस ने मेरा काफिला रोक दिया। आधे घंटे तक रोककर बिना वजह परेशान किया गया। कोई भी अधिकारी मुझे यह नहीं बता पाया कि आखिर ऐसा क्यों किया गया। क्या यह दबाव इसलिए डाला गया कि हम PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के त्योहार में शामिल न हो पाएं?”
ईद पर ही क्यों बनाई गई बैरिकेडिंग? अखिलेश यादव ने उठाए गंभीर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस तरह की बैरिकेडिंग उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। यह कदम सिर्फ एक समुदाय या PDA समाज के लोगों को रोकने और डराने के लिए उठाया गया। अखिलेश बोले, “आज पूरा देश देख रहा है कि ये सरकार किस तरह से संविधान और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है। भाजपा सरकार के पास अब कोई विकास का मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह त्योहारों में भी राजनीति कर रही है।”
PDA नेताओं के खिलाफ साजिश- सपा का आरोप
समाजवादी पार्टी ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भाजपा सरकार लगातार PDA नेताओं के खिलाफ षड्यंत्र कर रही है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि बीजेपी जानबूझकर दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं को निशाना बना रही है। अखिलेश यादव को ईद के दिन रोकना भी इसी कड़ी का हिस्सा है। सपा नेताओं ने कहा कि योगी सरकार और भाजपा अब PDA से डरी हुई है और इसी डर के कारण समाजवादी नेताओं को दबाने की कोशिश की जा रही है।
ईद पर भी सियासत! अखिलेश बोले- 'भाजपा नहीं चाहती हम गले मिलें'
अखिलेश यादव ने कहा, “ईद का त्योहार सभी धर्मों को जोड़ने और मोहब्बत का पैगाम देने वाला है। हम इस मौके पर एक-दूसरे से गले मिलते हैं, मोहब्बत बांटते हैं। लेकिन भाजपा चाहती ही नहीं कि लोग गले मिलें, खुश रहें। इसलिए ऐसी तानाशाही दिखाई जा रही है। लोग डरें, नफरत फैले और आपसी भाईचारा टूट जाए, यही बीजेपी चाहती है।”
PDA कार्ड पर बीजेपी की बौखलाहट- सपा
सपा नेताओं ने दावा किया कि PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के बीच अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता भाजपा को बेचैन कर रही है। पार्टी ने कहा कि भाजपा सरकार अब अखिलेश यादव को भी रोकने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। सपा प्रवक्ता ने कहा, “भाजपा का यह व्यवहार न सिर्फ अलोकतांत्रिक है बल्कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ भी है। समाजवादी लोग न डरेंगे, न रुकेंगे।”
पुलिस की चुप्पी ने बढ़ाई सियासी हलचल
इस पूरी घटना के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि आखिर अखिलेश यादव के काफिले को क्यों रोका गया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कहीं यह भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा तो नहीं है? क्योंकि हाल ही में PDA को लेकर अखिलेश यादव ने जिस तरह से भाजपा पर हमले तेज किए हैं, उससे भाजपा खासी परेशान नजर आ रही है।
अखिलेश यादव बोले- 'देश संविधान से नहीं, बीजेपी से चल रहा है'
अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा के लोग संविधान की जगह अब पार्टी के एजेंडे से देश चलाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि PDA वर्ग को दबाया जाए, ताकि उनकी राजनीति चमक सके। नोटबंदी, जीएसटी, बेरोजगारी, महंगाई से देश पहले ही त्रस्त है, अब त्योहारों पर भी सरकार राजनीति कर रही है।”
अखिलेश यादव ने दी ईद की मुबारकबाद, पर जताई चिंता
अखिलेश यादव ने अंत में कहा, “मैं पूरे प्रदेश, देश और दुनिया को ईद की मुबारकबाद देता हूं। हम सभी एक-दूसरे से गले मिलें, मोहब्बत फैलाएं, यही हमारी संस्कृति है। पर जब सरकार इस पर भी रोक लगाने की कोशिश करे तो यह चिंता का विषय है।”
सियासत और तीखी होगी?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईद के दिन हुए इस घटनाक्रम के बाद सपा और भाजपा के बीच टकराव और तेज हो सकता है। PDA को लेकर जो लड़ाई पिछले कुछ महीनों से चल रही थी, वह अब ईद के मौके पर और भी मुखर हो गई है।
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