आचार्य प्रमोद कृष्णम का औरंगजेब की कब्र को लेकर बड़ा बयान, बोले- भारत मुर्दों से नहीं लड़ता, कब्र हटाना तालिबान का काम, सनातन इसकी इजाजत नहीं देता।
दरअसल, बॉलीवुड फिल्म ‘छावा’ के रिलीज़ होने के बाद से ही औरंगजेब को लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है। कई राजनीतिक नेताओं और धार्मिक संगठनों ने औरंगजेब को क्रूर शासक बताया है, तो वहीं कुछ नेता उसे महान शासक कहकर बचाव करते नजर आ रहे हैं। इसी बहस के बीच, औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम का करारा जवाब
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सख्त लहजे में कहा कि भारत अपने दुश्मनों का भी सम्मान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि "सनातन संस्कृति में यह परंपरा नहीं कि मरे हुए लोगों से लड़ाई लड़ी जाए।"
‘ISIS की धमकी से नहीं डरता भारत’
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आगे कहा कि भारत हमेशा आतंकवाद के खिलाफ खड़ा रहा है। चाहे बात तालिबान, ISIS या किसी अन्य आतंकी संगठन की हो, भारत ने हमेशा आतंकवाद को कुचलने का काम किया है।
उन्होंने वक्फ बोर्ड विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि "ISIS जैसी आतंकी विचारधाराएं भारत को धमकाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन भारत न कभी डरा है और न कभी डरेगा।"
औरंगजेब की कब्र विवाद क्यों गरमाया?
महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना नेताओं ने औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग उठाई थी। इससे पहले सपा विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब को महान शासक बताया था, जिसके बाद बवाल मच गया। फिल्म ‘छावा’ में औरंगजेब को एक क्रूर और धर्मांध शासक के रूप में दिखाया गया, जिससे इस मुद्दे ने और तूल पकड़ लिया।
क्या औरंगजेब की कब्र हटेगी?
अब सवाल यह है कि क्या सरकार इस मांग पर विचार करेगी? फिलहाल, औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद और राजनीति दोनों गरम है। कुछ संगठन औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग कर रहे हैं, तो वहीं संत समाज और सनातन परंपरा की दुहाई देने वाले लोग इस मांग का विरोध कर रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती है और आगे क्या बड़ा फैसला लिया जाता है।
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