आजमगढ़ में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत से हड़कंप! ग्रामीणों ने थाने पर धावा बोला, पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं, भारी फोर्स तैनात।
आजमगढ़ में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत से बवाल, थाने पर पथराव और तोड़फोड़
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस हिरासत में युवक की मौत से हड़कंप मच गया है। तरवां थाना क्षेत्र के उमरी भंवरपुर गांव निवासी सनी कुमार की मौत के बाद ग्रामीण भड़क उठे। गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर जमकर बवाल किया और पुलिस की आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियों को तोड़ डाला। हालात बेकाबू होते देख कई थानों की पुलिस मौके पर बुलाई गई और पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
अश्लील टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार हुआ था युवक
तरवां थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने आरोप लगाया था कि सनी कुमार अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रास्ते में अश्लील गाने सुनाकर और इशारे कर परेशान कर रहा था। युवती ने अपने परिजनों से शिकायत की, जिसके बाद मामला थाने पहुंचा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 मार्च को सनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
हिरासत में संदिग्ध हालात में मौत, थाने के बाथरूम में फंदे से लटका मिला शव
हिरासत में लिए गए सनी कुमार का शव रात में थाने परिसर के बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। सनी के गले में पैजामे के नाड़े से फंदा बनाया गया था। पुलिस ने आनन-फानन में शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मौत की खबर से गांव में मचा हड़कंप, परिजनों का थाने पर हंगामा
जैसे ही सुबह सनी की मौत की खबर गांव पहुंची, परिजन और सैकड़ों ग्रामीण थाने पहुंच गए। थाने का घेराव करते हुए ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। गुस्साए लोगों ने पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। भारी संख्या में पुलिस फोर्स और पीएसी बुलाई गई, जो मौके पर तैनात है।
परिजनों ने लगाए पुलिस पर हत्या के आरोप, कार्रवाई की मांग
सनी कुमार के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे की हत्या की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सनी की हिरासत में बेरहमी से पिटाई की गई और बाद में उसे फंदे से लटका कर आत्महत्या का रूप दे दिया गया। परिजन दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई और बेटे को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
प्रशासन ने कसी कमर, इलाके में तैनात किया भारी पुलिस बल
बवाल और तनाव को देखते हुए प्रशासन ने पूरे गांव और थाने क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। आसपास के थानों से अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे बढ़ाई जाएगी।
ग्रामीणों का आरोप, पुलिस की मनमानी से गई युवक की जान
ग्रामीणों का कहना है कि सनी कुमार को थाने में पीट-पीटकर मारा गया। थाने में कोई सीसीटीवी फुटेज भी नहीं दिखाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। गांव में तनाव अभी भी बरकरार है और लोग पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।
सरकार और पुलिस की साख पर सवाल
सवाल यह भी उठ रहे हैं कि अगर हिरासत में युवक की मौत आत्महत्या थी तो पुलिस ने रात में ही परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी? क्यों नहीं घटनास्थल को सील किया गया? क्या पुलिस खुद पर लगे आरोपों से बचने के लिए मामले को दबाने का प्रयास कर रही थी? इन सवालों ने सरकार और पुलिस प्रशासन की साख पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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