UP में स्वास्थ्य विभाग में घूसखोरी का बड़ा खुलासा! Viral Video के बाद Deputy CMO समेत 2 डॉक्टर सस्पेंड, ब्रजेश पाठक ने लिया एक्शन



बाराबंकी में रिश्वत कांड का वीडियो वायरल, Deputy CMO डॉ. राजीव दीक्षित व एक और डॉक्टर सस्पेंड, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए सख्त आदेश।


UP में स्वास्थ्य विभाग में घूसखोरी का बड़ा कांड! Viral Video से मचा हड़कंप, Deputy CMO और CHC डॉक्टर सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में घूसखोरी का बड़ा मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाराबंकी में एक डायग्नोस्टिक सेंटर से लाइसेंस दिलाने के नाम पर घूस मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कड़ा एक्शन लिया है। वायरल वीडियो में साफ तौर पर डिप्टी CMO डॉ. राजीव दीक्षित रिश्वत की डील करते नजर आए, जिसके बाद शासन ने तत्काल प्रभाव से उन्हें सस्पेंड कर दिया है। यही नहीं, अंबेडकरनगर के बेवाना CHC में कार्यरत डॉक्टर इन्द्रेश यादव पर भी भ्रष्टाचार का आरोप साबित होने पर सस्पेंशन की गाज गिरी है।

वायरल वीडियो ने खोली सिस्टम की पोल, जांच में डिप्टी CMO दोषी

बाराबंकी के इस बहुचर्चित घूसकांड ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। वायरल वीडियो सामने आते ही जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए CDO और SDM की दो सदस्यीय समिति गठित कर दी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में डॉ. राजीव दीक्षित को पूरी तरह से दोषी ठहराया। रिपोर्ट में कहा गया कि डॉ. दीक्षित ने खुलेआम डायग्नोस्टिक सेंटर से लाइसेंस के बदले घूस की मांग की थी। इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तुरंत सख्त रुख अपनाते हुए प्रमुख सचिव को सस्पेंशन और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। डॉ. राजीव दीक्षित को निलंबित कर मंडलीय अपर निदेशक कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।

सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव पर भी गिरी गाज

घूसखोरी कांड की आंच बाराबंकी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अवधेश कुमार यादव तक भी पहुंच गई। जांच में यह पाया गया कि उन्होंने अपने प्रशासनिक दायित्वों में गंभीर लापरवाही बरती है। डिप्टी सीएम ने सीएमओ पर भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को भी इस मामले में आगे और कठोर कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।

अंबेडकरनगर के CHC डॉक्टर इन्द्रेश यादव भी सस्पेंड

इस पूरे मामले में सिर्फ बाराबंकी ही नहीं, बल्कि अंबेडकरनगर के बेवाना CHC में तैनात डॉ. इन्द्रेश यादव पर भी कार्रवाई हुई है। डॉ. इन्द्रेश यादव असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए, जिसके चलते डिप्टी सीएम ने तुरंत प्रभाव से उन्हें भी निलंबित कर दिया। डॉ. यादव पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी सेवा की गरिमा को तार-तार किया।

नेत्र सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिंह पर भी गिरी नजर

स्वास्थ्य विभाग में जारी इस एक्शन मोड के बीच हमीरपुर जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिंह पर भी गाज गिरने की तैयारी है। उन पर एक मरीज को गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने का आरोप लगा है। विभाग ने उनसे तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है और उनके खिलाफ भी जल्द बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

डिप्टी सीएम ने दी कड़ी चेतावनी, Zero Tolerance नीति दोहराई

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस पूरे मामले पर कहा कि प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। किसी भी कीमत पर स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं में संलिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। डिप्टी सीएम ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए अन्य अधिकारियों की पहचान कर उन पर भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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